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जे.पी. इंटरनेशनल स्कूल में 'पृथ्वी दिवस 2026' का भव्य आयोजन

जे.पी. इंटरनेशनल स्कूल में 'पृथ्वी दिवस 2026' का भव्य आयोजन, स्कूल के छात्रों ने 'ग्रीन वॉरियर्स' बनकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

                                                                                                                

बिहारशरीफ | 22 अप्रैल 2026

आज बिहारशरीफ (वियावानी) स्थित जे.पी. इंटरनेशनल स्कूल”,के प्रांगण में 'पृथ्वी दिवस 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय "Our Power, Our Planet" के तहत विद्यार्थियों ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बदलाव का वाहक बनने का संकल्प लिया। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के दिशा-निर्देशों के पालन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को सतत विकास और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति सजग करना रहा। 


'एक पौधा, भविष्य के नाम':

कार्यक्रम की शुरुआत एक अनूठी पहल के साथ हुई, जहाँ जे. पी. ग्रुप के सचिव श्री शैलेश कुमार एवं अन्य अतिथियों ने बच्चों के साथ मिलकर 'स्मृति वाटिका' की नींव रखी। यहाँ लगाए गए हर पौधे का नामकरण उसे लगाने वाले विद्यार्थी के नाम पर किया गया, ताकि छात्र उसके संरक्षण के प्रति भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।


कला और वाणी से दिया संदेश:

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में छात्रों ने '2050 की पृथ्वी' के दो रूप दिखाएएक प्रदूषण मुक्त हरियाली और दूसरी सूखे से बेहाल। वहीं, जागरूकता रैली के दौरान छात्रों के बुलंद नारों ने बियाबानी क्षेत्र के निवासियों को जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त बिहारशरीफ के लिए प्रेरित किया।


मंच से उठी बदलाव की आवाज:

इस अवसर पर जे. पी. ग्रुप के सचिव श्री शैलेश कुमार ने कहा, "धरती हमें सब कुछ देती है, अब समय है कि हम उसे लौटाना शुरू करें।" प्रशासनिक अधिकारी श्री एस. दिवाकर ने छात्रों की रचनात्मकता की सराहना की। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजीव रंजन ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, "अगर आज हमने अपनी ऊर्जा खपत और कार्बन फुटप्रिंट को कम नहीं किया, तो कल बहुत देर हो जाएगी। हमारे छात्र आज से ही 'इको-वॉरियर्स' हैं।"


सामूहिक शपथ और 'ग्रीन वॉच':

कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक शपथ ग्रहण के साथ हुआ। विद्यालय ने एक विशेष 'ग्रीन टीम' का गठन भी किया, जो पूरे वर्ष स्कूल परिसर में ऊर्जा बचत (लाइट-पंखा बंद रखने) और कचरा प्रबंधन की निगरानी करेगी। विद्यालय का यह नवाचारपूर्ण प्रयास केवल बच्चों, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ी मिसाल है। विद्यालय परिवार का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।